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धूल ने क्लर्क को सिखाया-हिंदी शायरी

Posted by: दीपक भारतदीप on: August 6, 2008

बहुत दिन बाद ऑफिस में

आये कर्मचारी ने पुराना

कपडा उठाया और

टेबल-कुर्सी और अलमारी पर

धूल हटाने के लिए बरसाया

धूल को भी ग़ुस्सा आया

और वह उसकी आंखों में घुस गयी

क्लर्क चिल्लाया तो धूल ने कहा

‘धूल ने कहा हर जगह प्रेम से

कपडा फिराते हुए मुझे हटाओ

मैं खुद जमीन पर आ जाऊंगी

मुझे इंसानों जैसा मत समझो

कि हर अनाचार झेल जाऊंगी

इस तरह हमले का मैंने हमेशा

प्रतिकार किया है

बडों-बडों के दांत खट्टे किये हैं

जब भी कोई मेरे सामने आया ‘
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