कुछ उन्होने कहा नहीं
हमने कुछ सुना नहीं
फिर भी शोर बहुत था
उस जगह
जहाँ सजा था हाल
दुनिया भर के खास इसानों से
हम खुद ही निकल पड़े
हम आदमी थे बस यही थी एक वजह
———————————————
पाठकों ने सतत अपनी टिप्पणियों में यह बात लिखी है कि आपके अनेक पत्रिका/ब्लॉग हैं, इसलिए आपका नया पाठ ढूँढने में कठिनाई होती है. उनकी परेशानी को दृष्टिगत रखते हुए इस लेखक द्वारा अपने समस्त ब्लॉग/पत्रिकाओं का एक निजी संग्रहक बनाया गया है हिंद केसरी पत्रिका. अत: नियमित पाठक चाहें तो इस ब्लॉग संग्रहक का पता नोट कर लें. यहाँ नए पाठ वाला ब्लॉग सबसे ऊपर दिखाई देगा. इसके अलावा समस्त ब्लॉग/पत्रिका यहाँ एक साथ दिखाई देंगी.
दीपक भारतदीप की हिंद केसरी पत्रिका
Albeo theme by Design Disease
1 | I Shed Over Thirty Pounds in Thirty Days
May 21, 2009 at 2:41 am
I was just looking for info about this when I came by your blog post. I’m simply visiting to say that I very much enjoyed reading this post, it is very well written. Are you thinking of blogging more about this? It seems like there is more fodder here for future posts.