Tag Archives: हिंदी व्यंग्य कविता

विज्ञापन में महाबहस-हिंदी व्यंग्य कविता


कुछ लोग हर विषय पर बोलेंगे,

फिर अपने प्रचार की तराजु में

अपनी इज्जत का वजन तोलेंगे।

कहें दीपक बापू

हर जगह छाये हैं वह चेहरे

बाज़ार के सौदागरों से लेकर दाम,

प्रचारकों के साथी होकर करते काम,

अपने लफ्जों की कीमत लेकर ही

हर बार अपना मुंह खोलेंगे,

नाम वाले हो या बदनाम

पर्दे पर विज्ञापनों के बीच 

महाबहस के लिये

सामान जुटायेंगे वही लोग

जो पहले मशहुर होकर

शौहरत के लिये इधर उधर डोलेंगे।

लेखक एवं कवि-दीपक राज कुकरेजा ‘‘भारतदीप,
ग्वालियर मध्यप्रदेश
writer and poet-Deepak raj kukreja “Bharatdeep”
Gwalior Madhyapradesh
लेखक और संपादक-दीपक “भारतदीप”,ग्वालियर

poet, writer and editor-Deepak ‘BharatDeep’,Gwalior

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सड़क पर फ़रिश्ते और शैतान-हिंदी व्यंग्य कविता


अपने कदम इस तरह बढ़ाओ

हादसे के खतरे कम रहें,

अपने होश काबू में रखो

हालातों से बेहोश होना अच्छा नहीं

जब जंग सामने हो

हाथ और पांव से बोलें

मुंह से कुछ न कहें।

कहें दीपक बापू

सड़क पर फरिश्ते भी चलते हैं,

शैतान भी खडे हैं जिनके दिल जलते हैं,

पता नहीं किसकी नीयत काली है किसकी सफेद

कौन प्यार करेगा कौन हमला

यह कहना मुश्किल है

दिल-ओ-दिमाग पर रखें काबू

जुल्म से जूझने को हमेशा तैयार रहें।

लेखक-दीपक राज कुकरेजा ‘‘भारतदीप’’
ग्वालियर मध्यप्रदेश
writer-Deepak Raj Kukreja “Bharatdeep”
Gwalior, Madhya pradesh
कवि, लेखक एंव संपादक-दीपक ‘भारतदीप”,ग्वालियर 
poet,writer and editor-Deepak ‘BharatDeep’,Gwalior

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